संसद के मानसून सत्र में सार्वजनिक परीक्षाओं (संशोधन) विधेयक पेश करेगी केंद्र सरकार

VoS NEWS DESK | नई दिल्ली | 27 जुलाई 2026

सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित संशोधन विधेयक में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ाने, डिजिटल निगरानी प्रणाली को मजबूत करने तथा परीक्षा प्रक्रिया में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डेटा प्रबंधन और परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए नए प्रावधान शामिल किए जाने की संभावना है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए अनियमितताओं के मामलों ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता को उजागर किया है। ऐसे में नया विधेयक पारदर्शिता बढ़ाने, छात्रों के हितों की रक्षा करने और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

सरकार ने संकेत दिया है कि आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी और डिजिटल सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देकर भविष्य में परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। साथ ही राज्यों और परीक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया जाएगा ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एक समान मानक लागू किए जा सकें।

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विशेषज्ञों के अनुसार यदि प्रस्तावित संशोधन प्रभावी ढंग से लागू किए जाते हैं, तो भारत की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकती है। इससे विद्यार्थियों का विश्वास बढ़ेगा तथा योग्यता आधारित चयन प्रक्रिया को और अधिक मजबूती मिलेगी।

स्रोत: VoS News Desk

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