भारत 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने की तैयारी में, 2040 तक भारतीय को चांद पर भेजने का लक्ष्य
भारत ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेरिस में आयोजित इंटरनेशनल स्पेस समिट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना और 2040 तक एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चांद पर भेजना है।
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BRICS मंच पर भारत की 37 डीप-टेक उपलब्धियां प्रदर्शित, AI कैंसर स्क्रीनिंग भी शामिल
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत अपनी 37 डीप-टेक तकनीकों और स्टार्टअप नवाचारों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित कर रहा है। इन नवाचारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैंसर स्क्रीनिंग, फ्लोटिंग सोलर पावर, समुद्री रोबोटिक्स, उन्नत इलेक्ट्रिक मोटर और कई अन्य अत्याधुनिक तकनीकें शामिल हैं।
Apple ने लॉन्च किया पहला फोल्डेबल iPhone Duo, प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में नई प्रतिस्पर्धा
Apple ने फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में अपनी बहुप्रतीक्षित एंट्री करते हुए नया iPhone Duo पेश किया है। यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उत्पाद लॉन्च माना जा रहा है, क्योंकि Apple लंबे समय से फोल्डेबल फोन श्रेणी में प्रवेश को लेकर चर्चा में था। नए iPhone Duo को पासपोर्ट जैसे फोल्डिंग डिजाइन के साथ पेश किया गया है और यह खुलने के बाद बड़ी स्क्रीन का अनुभव देता है।
ISRO का EOS-05 मिशन सफल; अंतरिक्ष से पृथ्वी की निगरानी को मिलेगी नई ताकत
भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने GSLV-F17 के जरिए EOS-05 पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह को 4 सितंबर 2026 को लॉन्च किया। ISRO के अनुसार EOS-05 भारत का पहला जियोसिंक्रोनस कक्षा से इमेजिंग करने वाला पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह है।
TCS का ₹70,000 करोड़ AI Data Center प्लान; तेलंगाना में बनेगा 1GW का हाई-टेक कैंपस
भारत के AI infrastructure sector में एक बड़ी घोषणा हुई है। Tata Consultancy Services (TCS) की subsidiary HyperVault और उसके partners तेलंगाना में लगभग ₹70,000 करोड़ ($7.41 billion) तक निवेश करके 1 gigawatt क्षमता वाला विशाल AI data center campus विकसित करेंगे। यह परियोजना भारत के बढ़ते artificial intelligence infrastructure ecosystem के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ISRO के निजीकरण पर बढ़ी चिंता; 9 कर्मचारी संगठनों ने मांगा सरकार से लिखित स्पष्टीकरण
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी के बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के भीतर भी चिंता सामने आई है। ISRO के नौ कर्मचारी संगठनों ने 4 सितंबर को अध्यक्ष वी. नारायणन को पत्र लिखकर निजीकरण की दिशा, संगठन की भविष्य की भूमिका और कर्मचारियों पर संभावित प्रभाव को लेकर आधिकारिक स्पष्टीकरण मांगा है।
भारत का निजी अंतरिक्ष उद्योग वैश्विक बाजार में तेजी से अपनी जगह बना रहा है
भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और देश अब केवल सरकारी अंतरिक्ष कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है। Skyroot Aerospace, Agnikul Cosmos, Pixxel, Dhruva Space और Digantara जैसी कंपनियां रॉकेट, उपग्रह, पृथ्वी अवलोकन और अंतरिक्ष सेवाओं में नई क्षमताएं विकसित कर रही हैं। ISRO के अनुसार, भारत में अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की संख्या 2026 में 440 से अधिक हो चुकी है, जो देश के तेजी से विकसित होते निजी अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती है।
शोधकर्ताओं ने विकसित की स्वयं-मरम्मत करने वाली बैटरी, इलेक्ट्रिक वाहनों की उम्र बढ़ने की उम्मीद
दुनिया भर के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी नई स्वयं-मरम्मत (Self-Healing) करने वाली बैटरी विकसित की है, जो भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की आयु बढ़ाने और उनकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह नई तकनीक बैटरी के अंदर समय के साथ होने वाली सूक्ष्म क्षति को स्वयं ठीक करने में सक्षम हो सकती है, जिससे बैटरी की क्षमता लंबे समय तक बनी रहेगी और उसे बार-बार बदलने की आवश्यकता कम होगी। शुरुआती परीक्षणों के परिणाम उत्साहजनक बताए जा रहे हैं।
इसरो ने अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान के लिए उन्नत परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान (Next-Generation Launch Vehicle - NGLV) से जुड़े महत्वपूर्ण उन्नत परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस नए प्रक्षेपण यान का उद्देश्य भविष्य के उपग्रह मिशनों, गहरे अंतरिक्ष अभियानों और मानव अंतरिक्ष उड़ानों के लिए अधिक क्षमता और बेहतर तकनीक उपलब्ध कराना है।
इसरो ने अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान के लिए उन्नत परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान (Next-Generation Launch Vehicle - NGLV) से जुड़े महत्वपूर्ण उन्नत परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। यह उपलब्धि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस नए प्रक्षेपण यान का उद्देश्य भविष्य के उपग्रह मिशनों, गहरे अंतरिक्ष अभियानों और मानव अंतरिक्ष उड़ानों के लिए अधिक क्षमता और बेहतर तकनीक उपलब्ध कराना है।
गगनयान मिशन की तैयारी तेज़, इस वर्ष पहला मानव रहित परीक्षण उड़ान लक्ष्य
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पुष्टि की है कि भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान कार्यक्रम के तहत पहला मानव रहित परीक्षण मिशन इस वर्ष प्रक्षेपित करने की दिशा में तैयारियाँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं।
