पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची से दो बार के सांसद धर्मवीर गांधी का नाम गायब, परिवार के नाम भी नहीं

VoS NEWS DESK | INDIA | 4 सितंबर 2026

धर्मवीर गांधी ने इस मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि उनका परिवार लंबे समय से संबंधित क्षेत्र में रह रहा है और इसके बावजूद सभी परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची से गायब होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस संबंध में आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह मामला पंजाब में चल रही SIR प्रक्रिया के व्यापक विवाद के बीच सामने आया है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची को दोबारा सत्यापित किया जा रहा है और बड़ी संख्या में ऐसे नामों को ड्राफ्ट सूची से हटाया गया है जिन्हें अधिकारियों ने स्थानांतरित, मृत, अनुपलब्ध या डुप्लीकेट रिकॉर्ड के रूप में चिन्हित किया है। रिपोर्टों के अनुसार पंजाब की ड्राफ्ट सूची में लगभग 20.66 लाख नाम हटाए गए हैं।

धर्मवीर गांधी का मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह स्वयं पूर्व सांसद रह चुके हैं और उनके परिवार के कई सदस्यों के नाम एक साथ सूची में नहीं मिलने से मतदाता सूची की सत्यापन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, अधिकारियों की ओर से जारी प्रक्रिया के अनुसार ड्राफ्ट सूची अंतिम सूची नहीं है और पात्र नागरिक अपने नाम शामिल कराने या गलत तरीके से हटाए गए नामों को बहाल कराने के लिए दावा और आपत्ति दाखिल कर सकते हैं।

निर्वाचन प्रक्रिया में नागरिकों से अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच करने की अपील भी की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची में किसी नाम के छूट जाने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेज जमा करके सुधार कराया जा सकता है।

पंजाब में मतदाता सूची के इस व्यापक पुनरीक्षण ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस को जन्म दिया है। विपक्षी दल और कई प्रभावित मतदाता प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा यह सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं कि वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम किसी प्रशासनिक या दस्तावेजी त्रुटि के कारण बाहर न रह जाएं।

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धर्मवीर गांधी के परिवार के नामों का ड्राफ्ट सूची में नहीं होना फिलहाल एक ड्राफ्ट-स्तरीय मामला है और इसे अंतिम मतदाता सूची से बाहर होना नहीं माना जा सकता। आने वाले दावे और आपत्तियों की जांच के बाद सूची में संशोधन संभव है। इस मामले ने हालांकि यह महत्वपूर्ण सवाल जरूर उठाया है कि बड़े पैमाने पर चल रहे मतदाता सत्यापन अभियान में पात्र नागरिकों के अधिकारों की पर्याप्त सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।

Source: NDTV, India Today, District Administration Patiala, Times of India / VoS News Desk

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