ऊर्जा का 'डेंजरस लिम्बो': हॉर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक तेल बाज़ार की अस्थिरता

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाज़ार अपने इतिहास के सबसे अनिश्चित दौर में प्रवेश कर गया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने आज अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तेल की आपूर्ति और मांग की वृद्धि दर में भारी गिरावट आई है, जो न केवल आपूर्ति में बाधा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के कमजोर होने का भी संकेत है। ईरान के नियंत्रण वाले इस चोकपॉइंट पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और सैन्य घेराबंदी ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। पाकिस्तान और भारत जैसे आयातक देश विशेष रूप से असुरक्षित हैं। पाकिस्तान का तेल आयात बिल $300 मिलियन से बढ़कर $800 मिलियन तक पहुँचने की खबर है। आईईए ने चेतावनी दी है कि कई देश अब ऊर्जा स्टॉक की जमाखोरी (Hoarding) कर रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर कमी और बढ़ सकती है। यदि यह गतिरोध समाप्त नहीं हुआ, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल की कीमतें आम आदमी की पहुँच से बाहर हो सकती हैं।

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