VoS NEWS DESK | नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
बैठक के दौरान समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। भारत ने सभी देशों के साथ समान सम्मान और साझेदारी के आधार पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने यह भी दोहराया कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। बैठक में मानवीय सहायता, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सहयोग जैसे विषयों पर भी सहमति व्यक्त की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि क्वाड देशों के बीच बढ़ता सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और नई तकनीकों के क्षेत्र में साझा प्रगति को गति देगा। इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और विश्वास को भी मजबूती मिलेगी।
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विशेषज्ञों के अनुसार, क्वाड जैसे बहुपक्षीय मंच भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करते हैं। सामूहिक सहयोग, सुरक्षित समुद्री मार्ग, तकनीकी साझेदारी और नियम-आधारित व्यवस्था भविष्य में क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास को नई दिशा दे सकती है।
स्रोत: VoS News Desk
