हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हुआ भारत, अर्जेंटीना ने 5-3 से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें तोड़ीं

VoS NEWS DESK | SPORTS | 25 August 2026

भारत के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबला करो या मरो वाला था। सेमीफाइनल की उम्मीद बनाए रखने के लिए भारतीय टीम को बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी थी, लेकिन मैच की शुरुआत ही उसके लिए मुश्किल साबित हुई।

अर्जेंटीना ने पहले ही मिनट में गोल करके भारत पर दबाव बना दिया। इसके कुछ ही मिनट बाद निकोलस डेला टोरे ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अर्जेंटीना की बढ़त 2-0 कर दी।

भारत ने हालांकि शानदार वापसी की कोशिश की। सुखजीत सिंह ने 10वें मिनट में गोल कर अंतर कम किया और टीम ने मुकाबले में वापसी की उम्मीद जगाई।

लेकिन तीसरे क्वार्टर में अर्जेंटीना ने फिर नियंत्रण हासिल कर लिया। टॉमस डोमेने ने गोल करके बढ़त बढ़ाई और बाद में पेनल्टी स्ट्रोक को भी गोल में बदल दिया। चौथे क्वार्टर में लुकास टोस्कानी ने अर्जेंटीना का पांचवां गोल दागकर भारत की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

भारत ने आखिरी मिनटों में संघर्ष करते हुए दो और गोल किए। सुखजीत सिंह ने अपना दूसरा गोल किया, जबकि हार्दिक सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर स्कोर 3-5 कर दिया।

मैच के अंतिम क्षणों में भारत को पेनल्टी कॉर्नर भी मिला, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत सिंह का ड्रैग-फ्लिक अर्जेंटीना के गोलकीपर ने रोक दिया। इसके साथ ही भारत की सेमीफाइनल की उम्मीद पूरी तरह समाप्त हो गई।

इस हार ने वर्ल्ड कप में भारत की रक्षात्मक कमजोरियों को भी उजागर किया। टीम ने टूर्नामेंट में पांच मैचों के दौरान कुल 16 गोल खाए, जिनमें 12 गोल ओपन प्ले से आए।

मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने भी मैच के बाद माना कि टीम की धीमी शुरुआत और दबाव को संभालने में नाकामी भारी पड़ी। उन्होंने कहा कि भारत ने खराब शुरुआत की और तीसरे क्वार्टर में परिस्थितियों को संभालना मुश्किल रहा।

भारत अब पदक की दौड़ से बाहर हो चुका है और उसके सामने 7वें-8वें स्थान का मुकाबला है। दूसरी ओर, अर्जेंटीना छह अंकों के साथ सेमीफाइनल की दौड़ में बना हुआ है।

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अर्जेंटीना के खिलाफ हार भारतीय हॉकी के लिए एक बड़ा झटका है। टीम के पास आक्रामक क्षमता जरूर दिखाई दी, लेकिन बड़े मुकाबलों में शुरुआती रक्षात्मक गलतियों ने उसे लगातार नुकसान पहुंचाया।

भारत की सबसे बड़ी चुनौती अब सिर्फ अगले मुकाबले में जीत हासिल करना नहीं, बल्कि डिफेंस को मजबूत करना और शीर्ष टीमों के खिलाफ दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना होगी।

वर्ल्ड कप पदक के लिए भारत का इंतजार अब 51 वर्षों तक पहुंच गया है। टीम ने आखिरी बार 1975 में विश्व कप जीता था और उसके बाद से वह दोबारा पोडियम तक नहीं पहुंच सकी है।

Source: ESPN / Olympics.com / Hockey World Cup / VoS Sports Desk

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