VoS NEWS DESK | भारत
हादसा रविवार दोपहर दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत कुछ ही सेकंड में भरभराकर नीचे आ गई, जिसके बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया।
इमारत में छात्रों के लिए PG accommodation चल रहा था। अधिकारियों के अनुसार, इमारत काफी पुरानी थी और पिछले कुछ समय से इसमें मरम्मत तथा निर्माण से संबंधित काम किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में बेसमेंट में चल रहा काम और पानी जमा होने जैसी परिस्थितियों को संभावित कारणों के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अंतिम कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बचाव अभियान में NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों को लगाया गया। बचावकर्मियों ने मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों के साथ खोजी कुत्तों का भी इस्तेमाल किया। कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा की भी जांच शुरू कर दी। कुछ नजदीकी PG और इमारतों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया। पुलिस ने इमारत के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस घटना ने दिल्ली में पुरानी इमारतों, अनधिकृत निर्माण, PG accommodations और भवन सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसे इलाकों में जहां बड़ी संख्या में छात्र और किरायेदार रहते हैं, नियमित structural inspections की आवश्यकता पर जोर बढ़ गया है।
दिल्ली सरकार की ओर से भी संकेत दिया गया है कि छात्रों, मरीजों और अन्य लोगों के लिए इस्तेमाल होने वाली सार्वजनिक इमारतों में नियमित structural audits और safety certification की व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।
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सत्य निकेतन की यह घटना दिल्ली के शहरी infrastructure के सामने मौजूद बड़ी चुनौती को उजागर करती है। केवल हादसे के बाद राहत अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है। पुरानी और जोखिम वाली इमारतों की पहले से पहचान, नियमित structural audit, निर्माण नियमों का पालन और PG properties की निगरानी जरूरी है।
छात्रों और किरायेदारों के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों में सुरक्षा प्रमाणन को केवल कागजी प्रक्रिया के बजाय वास्तविक निरीक्षण से जोड़ना भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
Source: AP / Reuters / Times of India / VoS News Desk
