देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ जड़ा पहला टेस्ट शतक, भारत मजबूत स्थिति में

VoS NEWS DESK | खेल | 16 अगस्त 2026

देवदत्त पडिक्कल के लिए यह शतक कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। वह नवंबर 2024 के बाद पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में लौटे और वापसी के तुरंत बाद उन्होंने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्हें टीम में साई सुदर्शन की चोट के कारण मौका मिला था, लेकिन पडिक्कल ने इस अवसर को पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया।

पडिक्कल ने गॉल की परिस्थितियों में धैर्य और तकनीकी मजबूती का परिचय दिया। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ संभलकर शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदल दिया। 134 गेंदों में शतक पूरा करने के बाद उन्होंने अपनी पारी को और आगे बढ़ाया तथा दिन का खेल समाप्त होने तक 131 रन बनाकर नाबाद रहे।

उनकी पारी के दौरान भारत ने लगातार श्रीलंका पर दबाव बनाए रखा। पडिक्कल ने केएल राहुल के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिससे भारतीय टीम को शुरुआती झटके के बाद पारी संभालने में मदद मिली। पहले दिन भारत का स्कोर 288/2 रहा और बारिश तथा खराब रोशनी के कारण खेल समय से पहले समाप्त करना पड़ा।

पडिक्कल का शतक इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने भारत के लिए तीसरे नंबर की बल्लेबाजी को लेकर चल रही बहस को नया मोड़ दे दिया है। साई सुदर्शन की अनुपस्थिति में मिले अवसर को उन्होंने शानदार प्रदर्शन में बदल दिया है। भारतीय बल्लेबाजी कोच शीतांशु कोटक ने भी उनकी तैयारी और तकनीक की प्रशंसा की है।

इस पारी ने पडिक्कल के आत्मविश्वास को भी मजबूत किया है। लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में लौटने वाले बल्लेबाज के लिए विदेशी परिस्थितियों में शतक बनाना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने स्पिन के खिलाफ अपने फुटवर्क और बैक-फुट खेल का अच्छा इस्तेमाल किया और श्रीलंकाई गेंदबाजों के दबाव को प्रभावी ढंग से संभाला।

दूसरे दिन का खेल बारिश के कारण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका। गॉल में लगातार बारिश के कारण भारतीय टीम को मैदान पर उतरने के लिए इंतजार करना पड़ा। भारत की नजर अब अपनी पहली पारी को और बड़े स्कोर तक पहुंचाने पर होगी, जबकि श्रीलंका जल्द विकेट हासिल कर मैच में वापसी करना चाहेगा।

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देवदत्त पडिक्कल का यह शतक भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिए सकारात्मक संकेत है। टीम में वापसी के बाद उन्होंने जिस तरह दबाव को संभाला और लंबी पारी खेली, उससे भारतीय बल्लेबाजी क्रम को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है।

तीसरे नंबर की स्थिति भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण रही है और पडिक्कल की इस पारी ने उस स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा को और मजबूत कर दिया है। हालांकि साई सुदर्शन की वापसी के बाद टीम प्रबंधन के सामने चयन का चुनौतीपूर्ण फैसला होगा, लेकिन दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिए अच्छी प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकता है।

फिलहाल भारत की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है। पडिक्कल का नाबाद 131 रन और पहली पारी में 288/2 का स्कोर भारतीय टीम को मैच पर शुरुआती बढ़त दिलाता है। अब टीम की कोशिश इस बढ़त को बड़े स्कोर में बदलने और श्रीलंका पर दबाव बनाए रखने की होगी।

स्रोत: VoS News Desk

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