VoS SPORTS DESK | भारतीय खेल | 1 सितंबर 2026
विश्व रैंकिंग में 78वें स्थान पर मौजूद अंकुर भट्टाचार्जी ने फाइनल में शुरुआती झटके से उबरते हुए शानदार वापसी की। कोज़ुल ने पहला गेम 11-9 से जीतकर मुकाबले में बढ़त बना ली थी, लेकिन अंकुर ने इसके बाद लगातार तीन गेम जीतते हुए मैच अपने नाम कर लिया।
भारतीय खिलाड़ी ने अगले तीन गेम 11-4, 11-5 और 11-6 से जीतकर 3-1 की शानदार जीत दर्ज की। इस जीत ने उन्हें पहली बार WTT पुरुष एकल चैंपियन बनाया।
अंकुर की सफलता केवल फाइनल तक सीमित नहीं रही। सेमीफाइनल में उन्होंने स्लोवाकिया के लुबोमिर पिस्तेज के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में 3-2 से जीत हासिल की। अंकुर ने पहला गेम जीता, लेकिन अगले दो गेम गंवाने के बाद मुकाबले में दबाव में आ गए। इसके बावजूद उन्होंने चौथा और पांचवां गेम जीतकर फाइनल में जगह बनाई।
पुरुष युगल में भी अंकुर ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने आकाश पाल के साथ मिलकर हंगरी के चाबा एंड्रास स्ज़ांतॉशी और पोलैंड के एलन कुलचिकी ज़ालेव्स्की की जोड़ी को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी ने युगल फाइनल में 11-8, 4-11, 13-11 और 11-9 से जीत दर्ज की।
इस तरह अंकुर ने एक ही प्रतियोगिता में पुरुष एकल और पुरुष युगल दोनों खिताब अपने नाम किए। यह उनके वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
अंकुर का यह प्रदर्शन 2026 के उनके लगातार सुधार का परिणाम भी माना जा रहा है। इस खिताब से पहले वह WTT Feeder Series में दो बार क्वार्टर फाइनल और दो बार सेमीफाइनल तक पहुंच चुके थे, लेकिन खिताब जीतने में सफल नहीं हुए थे। ओलोमौक में उन्होंने आखिरकार अपने गहरे टूर्नामेंट रन को चैंपियनशिप में बदल दिया।
अंकुर ने इससे पहले युवा स्तर पर भी अपनी क्षमता दिखाई थी। वह 2025 में स्वीडन में Europe Youth Smash के फाइनल तक पहुंचे थे। अब वरिष्ठ स्तर पर WTT खिताब जीतना उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ओलोमौक में उनकी सफलता का खास पहलू उनका दबाव में प्रदर्शन रहा। एकल फाइनल में पहला गेम हारने के बाद वापसी और सेमीफाइनल में पांच गेम के संघर्षपूर्ण मुकाबले को जीतना उनकी मानसिक मजबूती और निरंतरता को दर्शाता है।
भारतीय टेबल टेनिस के लिए यह परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि युवा खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत प्रदर्शन देश में इस खेल की बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
VoS SPORTS INSIGHT
अंकुर भट्टाचार्जी का ओलोमौक में एकल और युगल दोनों स्वर्ण पदक जीतना भारतीय टेबल टेनिस के लिए उत्साहजनक संकेत है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने केवल आसान मुकाबलों में जीत हासिल नहीं की, बल्कि कठिन परिस्थितियों में वापसी करते हुए खिताब जीता। फाइनल में शुरुआती गेम गंवाने के बाद लगातार तीन गेम जीतना उनके आत्मविश्वास और दबाव संभालने की क्षमता को दर्शाता है।
अब इस सफलता के बाद अंकुर के सामने अगली चुनौती अपने प्रदर्शन को लगातार बनाए रखने और बड़े अंतरराष्ट्रीय WTT आयोजनों में भी इसी स्तर की प्रतिस्पर्धा दिखाने की होगी।
स्रोत: PTI / News On AIR / Economic Times / VoS Sports Desk
