VoS NEWS DESK | नई दिल्ली | 24 जुलाई 2026
सरकार के अनुसार इस नई योजना के तहत एआई, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उन्नत डिजिटल समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप्स को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी। योजना में वित्तीय सहायता, कर प्रोत्साहन, अनुसंधान अनुदान, तकनीकी मार्गदर्शन और उद्योग विशेषज्ञों से सहयोग जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य भारत में अत्याधुनिक तकनीकों का विकास तेज करना और युवाओं को नवाचार आधारित उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और निजी उद्योगों के बीच सहयोग को भी मजबूत किया जाएगा।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना विदेशी निवेश आकर्षित करने, नई तकनीकों के व्यावसायीकरण तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डीप-टेक आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रक्षा, विनिर्माण और वित्तीय सेवाओं सहित अनेक क्षेत्रों में बड़े बदलाव ला सकते हैं।
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विशेषज्ञों के अनुसार डीप-टेक और एआई में बढ़ता निवेश भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग भविष्य में तकनीकी आत्मनिर्भरता, आर्थिक विकास और उच्च कौशल वाले रोजगार सृजन को नई दिशा दे सकता है।
स्रोत: VoS News Desk
