VoS NEWS DESK | नई दिल्ली | 2 अगस्त 2026
नए स्मार्ट सिस्टम के तहत कई प्रमुख हवाई अड्डों पर डिजिटल पहचान सत्यापन, स्वचालित प्रवेश द्वार, उन्नत सुरक्षा जांच और संपर्क-रहित सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इन सुविधाओं का उद्देश्य यात्रियों की लंबी कतारों को कम करना, सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाना तथा पूरे यात्रा अनुभव को अधिक सुगम बनाना है।
हवाई अड्डा प्रबंधन और संबंधित एजेंसियां आधुनिक तकनीक के माध्यम से परिचालन क्षमता बढ़ाने पर भी कार्य कर रही हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी, डिजिटल सूचना प्रणाली और स्वचालित संचालन से यात्रियों को वास्तविक समय में उड़ानों की जानकारी प्राप्त होगी, जबकि कर्मचारियों को भी संचालन अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आधुनिक तकनीक आधारित यात्री प्रबंधन प्रणाली भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे यात्रा का समय कम होगा, सुरक्षा और दक्षता में सुधार आएगा तथा यात्रियों का अनुभव पहले से अधिक सुविधाजनक बनेगा।
सरकार और विमानन क्षेत्र के अधिकारी भविष्य में देश के अन्य हवाई अड्डों पर भी इसी प्रकार की स्मार्ट तकनीकों का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। उनका मानना है कि डिजिटल नवाचार भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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विमानन विशेषज्ञों के अनुसार स्मार्ट एयरपोर्ट तकनीक आने वाले वर्षों में वैश्विक विमानन उद्योग का प्रमुख आधार बनेगी। डिजिटल नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालित प्रणालियों में निरंतर निवेश से भारत न केवल यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति भी और मजबूत करेगा।
स्रोत: VoS News Desk
