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भारत में 'नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी' का प्रथम शैक्षणिक सत्र प्रारंभ: उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग का उदय
भारत सरकार ने आज 18 अप्रैल 2026 को देश के पहले 'नेशनल डिजिटल यूनिवर्सिटी' (NDU) के प्रथम आधिकारिक शैक्षणिक सत्र का उद्घाटन किया है। इस क्रांतिकारी पहल का मुख्य उद्देश्य भारत के सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम उनके घर तक पहुँचाना है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह विश्वविद्यालय 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल पर आधारित है, जहाँ देश के प्रमुख आईआईटी (IITs), आईआईएम (IIMs) और केंद्रीय विश्वविद्यालय एक साझा डिजिटल मंच के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेंगे।
इस डिजिटल विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'मल्टीपल एंट्री और एग्जिट' तंत्र है, जो छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई शुरू करने और बीच में छोड़ने की अनुमति देता है। साथ ही, 'एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट' (ABC) के माध्यम से छात्रों द्वारा अर्जित अंकों को सुरक्षित रखा जाएगा, जिसे वे भविष्य में डिग्री पूर्ण करने के लिए उपयोग कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत के 'सकल नामांकन अनुपात' (GER) को 2030 तक 50% तक ले जाने के लक्ष्य में मील का पत्थर साबित होगा, जिससे शिक्षा न केवल किफायती होगी बल्कि सभी के लिए सुलभ भी बनेगी।
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