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भारत की ऐतिहासिक छलांग; 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' (BAS) के पहले मॉड्यूल का सफल परीक्षण, 2028 में लॉन्च की तैयारी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज 21 अप्रैल 2026 को अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' (BAS) के मुख्य लाइफ-सपोर्ट मॉड्यूल का सफल जमीनी परीक्षण पूरा कर लिया है। इसरो प्रमुख ने बेंगलुरु में घोषणा की कि यह मॉड्यूल अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ऑक्सीजन, पानी के पुनर्चक्रण और तापमान नियंत्रण की स्वदेशी तकनीक से लैस है। यह भारत के अपने अंतरिक्ष स्टेशन की दिशा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है, जिसका लक्ष्य 2028 तक पहला हिस्सा अंतरिक्ष में स्थापित करना है। इस सफलता ने भारत को उन चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर दिया है जिनके पास स्वतंत्र रूप से अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की क्षमता है।
सोशल मीडिया पर यह खबर #MissionGaganyaan और #BharatiyaAntarikshStation के साथ तेजी से वायरल हो रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्टेशन न केवल वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए एक केंद्र होगा, बल्कि भविष्य के चंद्रमा और मंगल मिशनों के लिए एक 'स्पेस पोर्ट' के रूप में भी कार्य करेगा। इस मॉड्यूल के परीक्षण की सफलता पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने इसरो की टीम को बधाई दी है, और इसे 'विकसित भारत' की ओर एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
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