VoS NEWS DESK | SCIENCE & TECHNOLOGY | 6 OCTOBER 2026
India Mobile Congress 2026 का आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक किया जाएगा। यह सम्मेलन भारत के तेजी से विकसित हो रहे टेलीकॉम और डिजिटल टेक्नोलॉजी सेक्टर को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
इस वर्ष आयोजन में बड़ी संख्या में टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों, रिसर्चर्स, नीति-निर्माताओं और इंडस्ट्री लीडर्स के शामिल होने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, इस कार्यक्रम में 1.5 लाख से अधिक प्रतिभागी, 500 से अधिक प्रदर्शक और पार्टनर्स तथा 600 से अधिक स्टार्टअप्स भाग ले सकते हैं।
कार्यक्रम में करीब 2,000 टेक्नोलॉजी यूज़ केस, 120 से अधिक सेशन और 700 से अधिक निवेशक बैठकें आयोजित किए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और निवेशकों को एक ही मंच पर लाकर नए व्यावसायिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है।
India Mobile Congress में भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड टेक्नोलॉजी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की कनेक्टिविटी से जुड़े समाधानों को प्रमुखता दी जाएगी।
इस आयोजन का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि भारत अब केवल दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल बाजारों में से एक बनने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि टेक्नोलॉजी के विकास, निर्माण और निर्यात में भी अपनी वैश्विक भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आयोजन से पहले यशोभूमि पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्रदर्शनी क्षेत्र का निरीक्षण किया और स्टार्टअप्स तथा प्रदर्शकों के साथ बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 8 अक्टूबर को किए जाने वाले उद्घाटन के बाद सम्मेलन में सरकार और वैश्विक टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के बीच सहयोग पर भी विशेष ध्यान रहने की संभावना है। ऐसे समय में जब AI और अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल रही है, भारत अपने डिजिटल इकोसिस्टम को अंतरराष्ट्रीय निवेश और नवाचार से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
VoS STRATEGIC INSIGHT
India Mobile Congress 2026 भारत की डिजिटल महत्वाकांक्षाओं का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन है। 5G से आगे बढ़कर AI, 6G, स्मार्ट कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर भारत को भविष्य की टेक्नोलॉजी रेस में मजबूत स्थिति दिला सकता है। बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स और निवेशकों की भागीदारी से नए निवेश, रोजगार और तकनीकी साझेदारियों के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
Source: Press Information Bureau, Government of India | Hindustan Times
