VoS NEWS DESK | भारत | 22 सितंबर 2026
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर केंद्र और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है, जिसमें निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को मजबूत करने की मांग की गई है।
याचिका का संबंध गुरुग्राम के सिद्धरावली क्षेत्र में Signature Global City of Colours परियोजना के निर्माण स्थल पर 9 मार्च 2026 को हुए हादसे से है। रिपोर्ट के अनुसार, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए खुदाई के दौरान मिट्टी की दीवार जैसी संरचना ढह गई, जिससे सात श्रमिकों की मौत हुई और चार अन्य घायल हुए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में यह तर्क दिया गया कि 2026 के नए Occupational Safety, Health and Working Conditions Rules में निर्माण कार्यों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा पहलुओं के लिए पर्याप्त विस्तृत प्रावधान नहीं हैं। इसमें खुदाई, शोरिंग, ढलान, निर्माण सामग्री की स्थिति, साइट निरीक्षण और अन्य सुरक्षा प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र से नए नियमों और पुराने सुरक्षा प्रावधानों के बीच मौजूद अंतर की जानकारी देने को कहा। अदालत ने यह भी कहा कि निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा को बिल्डिंग लाइसेंस की शर्तों से जोड़ा जा सकता है, ताकि सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की व्यवस्था मजबूत हो।
याचिका में निर्माण स्थलों पर होने वाली मौतों और गंभीर दुर्घटनाओं का राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड तैयार करने, दुर्घटनाओं के कारणों को दर्ज करने और प्रभावित श्रमिकों तथा उनके परिवारों को मुआवजा एवं कल्याणकारी लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की मांग भी की गई है।
VoS STRATEGIC INSIGHT
गुरुग्राम हादले से जुड़ी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का ध्यान निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों, दुर्घटनाओं की निगरानी और श्रमिकों के मुआवजे से जुड़े नियामकीय ढांचे पर है। अदालत की आगे की कार्यवाही केंद्र और अन्य संबंधित प्राधिकरणों की प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
Source: Hindustan Times / PTI
