VoS NEWS DESK | श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर | 18 जुलाई 2026
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि प्रतिबंधित साहित्य में ऐसा सामग्री शामिल थी जो अलगाववाद को बढ़ावा दे सकती थी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थी। अधिकारियों ने स्थानीय पुस्तक विक्रेताओं और कुछ क्षेत्रीय प्रकाशनों के कार्यालयों में तलाशी अभियान भी चलाया तथा डिजिटल उपकरण और अभिलेखीय सामग्री जब्त की।
इस कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता संगठनों ने आलोचना की है। उनका कहना है कि स्थानीय समाचार पत्रों और स्वतंत्र साहित्य पर कार्रवाई से सूचना का प्रवाह सीमित हो सकता है और स्वतंत्र पत्रकारों के लिए ज़मीनी स्थिति की रिपोर्टिंग करना कठिन हो जाएगा।
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कानूनी और राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम क्षेत्र में सूचना और सुरक्षा से जुड़ी नीतियों को और कड़ा करने की दिशा में संकेत देता है। उनका कहना है कि ऐसे कदमों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों को लेकर और अधिक चर्चा हो सकती है।
स्रोत: Reuters | Human Rights Watch | VoS News Desk
