VoS NEWS DESK | DIPLOMACY & ECONOMY | 6 OCTOBER 2026
स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन भारत की यात्रा पर हैं और इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक तथा रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बैठक में दोनों पक्षों ने भारत और स्विट्जरलैंड के बीच पहले से मौजूद मजबूत संबंधों को और व्यापक बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बातचीत के प्रमुख क्षेत्रों में रखा गया। भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी EFTA के बीच हुए Trade and Economic Partnership Agreement (TEPA) को भी आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन भी बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। भारत और स्विट्जरलैंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिसर्च, नई तकनीकों और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए स्विट्जरलैंड की रिसर्च और इनोवेशन क्षमता महत्वपूर्ण साझेदारी का आधार बन सकती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन की मेजबानी की। राष्ट्रपति भवन के अनुसार, भारत और स्विट्जरलैंड के संबंध व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक, इनोवेशन, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों तक फैले हुए हैं।
दोनों देशों ने माइग्रेशन और मोबिलिटी, रिसर्च और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर से जुड़े महत्वपूर्ण समझौतों पर भी आगे बढ़ने का संकेत दिया है। इससे दोनों देशों के युवाओं, छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिल सकता है।
रक्षा उत्पादन और परमाणु ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावना भी इस बैठक को और महत्वपूर्ण बनाती है। दोनों देश पारंपरिक आर्थिक संबंधों से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और रणनीतिक सहयोग का व्यापक ढांचा तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत के लिए स्विट्जरलैंड यूरोप का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और निवेश साझेदार है। वहीं, स्विट्जरलैंड की कंपनियों की भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मौजूदगी है। नए समझौतों और TEPA के चलते आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच निवेश का दायरा और बढ़ सकता है।
VoS STRATEGIC INSIGHT
भारत और स्विट्जरलैंड के संबंध अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रह गए हैं। Trade, Technology और Talent आने वाले वर्षों में इस साझेदारी के तीन महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं। विशेष रूप से AI, रिसर्च, ग्रीन टेक्नोलॉजी और निवेश में सहयोग भारत के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को अंतरराष्ट्रीय पूंजी और विशेषज्ञता से जोड़ सकता है।
Source: President of India | Times of India
